धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब
गुरु परंपरा में स्थान
गुरुवंश वृक्ष के अनुसार धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब (गुरु खुसुवंत बाबा जी), गुरु मुक्तावन दास बाबा जी (गुरुगद्दी खपरी) की परंपरा से जुड़े हैं। यह क्रम गुरु घासीदास बाबा जी, गुरु आगर दास बाबा जी, गुरु अजब दास बाबा जी, गुरु मुक्तावन दास बाबा जी (गुरुगद्दी खपरी), गुरु बालदास बाबा जी और तत्पश्चात् गुरु खुशवंत साहेब के रूप में चलता है।
गुरु परंपरा और सतनाम पंथ
सतनाम पंथ के आदि गुरु संत गुरु घासीदास बाबा जी का संदेश "मनखे मनखे एक बरोबर" तथा सत्य का नाम "सतनाम" है। गुरु गद्दी की परंपरा गुरु घासीदास जी के पश्चात् गुरु अमरदास जी, राजा गुरु बालकदास जी तथा आगे गुरुवंश के सदस्यों द्वारा संभाली जाती रही है।
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