गुरु विजय कुमार ( अग्रनाम दास ) बाबा जी
गुरु परंपरा में स्थान
गुरुवंश वृक्ष के अनुसार गुरु विजय कुमार बाबा जी — जिन्हें अग्रनाम दास तथा "विजय गुरु" के नाम से भी जाना जाता है — गुरुगद्दी खाडूआ की परंपरा से जुड़े हैं। यह क्रम गुरु घासीदास बाबा जी, उनके चतुर्थ पुत्र गुरु आगर दास बाबा जी, गुरु अगरमन दास बाबा जी, गुरु अगम दास बाबा जी (गुरुगद्दी खाडूआ) और तत्पश्चात् गुरु आग्रनाम दास बाबा जी (विजय गुरु) के रूप में चलता है।
गुरु परंपरा और सतनाम पंथ
सतनाम पंथ की स्थापना संत गुरु घासीदास बाबा जी ने की, जिनका मूल संदेश "मनखे मनखे एक बरोबर" तथा "सतनाम" (सत्य का नाम) है। गुरु गद्दी की परंपरा गुरु घासीदास जी के पश्चात् उनके पुत्र गुरु अमरदास जी तथा राजा गुरु बालकदास जी और आगे गुरुवंश के सदस्यों द्वारा चलती आ रही है।
सम्पूर्ण वंशावली गुरुवंश वृक्ष तथा सदस्य-सूची गुरु परिवार पृष्ठ पर देखी जा सकती है।