परमपूज्य गुरु सोमेश बाबा जी
॥ परमपूज्य सतधारीगुरु त्यागीगुरु जीवतारणहार गुरु सोमेश बाबा जी ॥
अध्यक्ष - कुआ बोडसरा धाम मेला विकास समिति
गुरु परंपरा में स्थान
गुरुवंश वृक्ष के अनुसार परमपूज्य गुरु सोमेश बाबा जी, गुरु मुक्तावन दास बाबा जी (गुरुगद्दी खपरी) की परंपरा से जुड़े हैं। यह क्रम गुरु घासीदास बाबा जी, गुरु आगर दास बाबा जी, गुरु अजब दास बाबा जी, गुरु मुक्तावन दास बाबा जी (गुरुगद्दी खपरी), गुरु बालदास बाबा जी और तत्पश्चात् गुरु सोमेश बाबा जी के रूप में चलता है।
सम्मान एवं सेवा
गुरु सोमेश बाबा जी को "परमपूज्य सतधारीगुरु त्यागीगुरु जीवतारणहार" के रूप में स्मरण किया जाता है। वे कुआ बोडसरा धाम मेला विकास समिति के अध्यक्ष हैं।
गुरु परंपरा और सतनाम पंथ
सतनाम पंथ की स्थापना संत गुरु घासीदास बाबा जी ने की, जिनका मूल संदेश "मनखे मनखे एक बरोबर" है। गुरु गद्दी की यह परंपरा गुरु घासीदास जी के पश्चात् उनके पुत्र गुरु अमरदास जी तथा राजा गुरु बालकदास जी और आगे गुरुवंश के सदस्यों द्वारा चलती आ रही है।
सम्पूर्ण वंशावली गुरुवंश वृक्ष तथा सदस्य-सूची गुरु परिवार पृष्ठ पर उपलब्ध है।